रिश्ते तब सबसे ज्यादा दर्द देते हैं, जब उनमें अपनापन कम और मतलब ज्यादा निकलने लगे। कभी कोई अपने बनकर धोखा दे जाता है, तो कभी जरूरत खत्म होते ही रिश्ते की सारी गर्माहट भी खत्म हो जाती है। ऐसे ही टूटे भरोसे, स्वार्थी रिश्तों और अपनों से मिले दर्द को शब्द देने के लिए Matlabi Rishte Dhoka Shayari एक बेहतरीन जरिया है। 💔🥀
Shayari Heaven पर हम आपके लिए ऐसी ही भावनाओं से जुड़ी शायरियों का खास कलेक्शन लेकर आए हैं। यहाँ आपको प्यार, दोस्ती, परिवार और मतलबी लोगों से जुड़े धोखे पर लिखी 50 नई शायरियाँ मिलेंगी, जिन्हें आप WhatsApp Status, Instagram Caption या अपने किसी खास एहसास को व्यक्त करने के लिए शेयर कर सकते हैं। ❤️🩹
Table of Contents
ToggleMatlabi Rishte Dhoka Shayari
अपने थे इसलिए हर दर्द सहते रहे,
वो मतलब के थे इसलिए बदलते रहे। 💔
रिश्ते निभाने में हमने कोई कमी नहीं रखी,
उन्होंने मतलब के आगे हमारी कदर नहीं रखी। 🥀
चेहरे पर अपनापन, बातों में प्यार था,
वक्त बदला तो समझ आया सब मतलब का व्यवहार था। 🎭
जिन्हें हर राज़ बताया था अपना समझकर,
वही गैरों में किस्सा सुनाते रहे हँसकर। 😔
भरोसा किया तो रिश्ते खास लगने लगे,
सच सामने आया तो वही लोग बकवास लगने लगे। 💔
जरूरत थी तो हर रोज़ याद किया करते थे,
काम निकलते ही हमें पहचानने से डरते थे। 🍂
कुछ रिश्ते नाम के ही अपने होते हैं,
मतलब खत्म होते ही सपने जैसे खोते हैं। 🥀
हम रिश्तों को दिल से निभाते रहे,
वो हर रिश्ते में अपना फायदा उठाते रहे। 💔
वक़्त ने बड़ी आसानी से पहचान करा दी,
किसे रिश्ता चाहिए था, किसे बस जरूरत थी बता दी। ⏳
अपने ही जब बदलने लगते हैं,
तब गैरों के चेहरे भी अच्छे लगने लगते हैं। 😞
रिश्तों में हिसाब रखने वाले बहुत मिले,
मगर बिना मतलब साथ देने वाले कम मिले। ❤️🩹
जिसे अपना समझकर दिल में जगह दी,
उसी ने मतलब के लिए हमारी कीमत घटा दी। 💔
कुछ लोग रिश्ते नहीं निभाते,
बस जरूरत के मौसम में पास आते हैं। 🌧️
मीठी बातों के पीछे राज़ छिपा था,
जिसे अपना समझा वही सबसे बड़ा मतलबी निकला। 🎭
भरोसे की डोर हमने दिल से बाँधी थी,
उन्होंने स्वार्थ की कैंची से काट दी। ✂️💔
अब हर मुस्कान पर यकीन नहीं करते,
हम चेहरों से ज्यादा इरादे पढ़ते हैं। 😌
रिश्ते टूटने का गम इतना नहीं था,
दुख तो इस बात का था कि वजह अपना था। 🥀
मतलब के रिश्तों की यही कहानी है,
जरूरत में नज़दीकी, जरूरत के बाद अनजानी है। 💔
जिन्हें हमारी खामोशी भी समझ आती थी,
आज वही हमारी बातों में मतलब ढूँढते हैं। 😔
दिल साफ था इसलिए धोखा खा गए,
वो चालाक थे इसलिए रिश्ते निभा गए। 🎭
मोहब्बत में हमने खुद को भुला दिया,
उसने मतलब निकाला और हमें ही भुला दिया। 💔
तेरे हर वादे को सच मान बैठे थे,
हम शायद तेरे मतलब को प्यार मान बैठे थे। 🥀
प्यार का नाम लेकर करीब आए थे,
बाद में पता चला बस अपना काम कराने आए थे। 😞
दिल दिया था तुझे अपना समझकर,
तूने लौटा दिया मुझे गैर समझकर। 💔
तेरी जरूरत थी तो मैं सबसे खास था,
जरूरत खत्म हुई तो मेरा कोई एहसास न था। 🍂
मोहब्बत में धोखा मिला तो समझ आया,
हर करीब आने वाला अपना नहीं होता। 🥀
हम तेरे साथ को जिंदगी समझ बैठे,
तू तो बस एक जरूरत समझकर साथ था। 💔
वफ़ा की उम्मीद जिस दिल से की थी,
उसी ने हमारी मोहब्बत की कीमत लगा दी। 😔
तेरे झूठ भी हम प्यार समझते रहे,
तू मतलब से मिला और हम दिल से मिलते रहे। ❤️🩹
अब मोहब्बत के नाम से भी डर लगता है,
कहीं कोई फिर अपना बनकर मतलब न निकाल ले। 💔
तूने रिश्ते को जरूरत बना दिया,
हमने तुझे अपनी दुनिया बना दिया। 🥀
जिस शख्स के लिए सब कुछ छोड़ दिया,
उसी ने वक्त आने पर हमें छोड़ दिया। 😞
तेरी बातों में अपनापन बहुत था,
मगर तेरे दिल में सिर्फ मतलब था। 🎭
प्यार सच्चा था इसलिए टूट गए,
तेरे इरादे झूठे थे इसलिए छूट गए। 💔
अब किसी से दिल लगाने की जल्दी नहीं,
धोखे के बाद भरोसा करने की आदत नहीं। 🖤
खून के रिश्ते भी कभी बदल जाते हैं,
जब घर में मतलब के मौसम आ जाते हैं। 💔
अपनों से मिला दर्द अजीब होता है,
क्योंकि उसमें शिकायत का हक भी कम होता है। 🥀
जिन्हें परिवार की ताकत समझा था,
उन्हीं ने मतलब पर रिश्ता तौला था। 😔
घर वही रहा, लोग वही रहे,
बस रिश्तों के मायने बदलते रहे। 🍂
अपने ही जब स्वार्थी हो जाएँ,
तो घर की दीवारें भी अजनबी लगने लगती हैं। 💔
रिश्ते खून से नहीं, व्यवहार से पहचाने जाते हैं,
कुछ अपने होकर भी दिल से दूर पाए जाते हैं। 🥀
दुख में साथ खड़े रहने वाले ही अपने हैं,
बाकी तो खुशी में मिलने वाले चेहरे हैं। ❤️🩹
घर के रिश्तों में भी हिसाब होने लगा,
तभी तो अपना भी अब सवाल होने लगा। 😞
अपनों ने जब मतलब दिखाया,
तब गैरों का होना भी बुरा नहीं लगा। 💔
परिवार का नाम लेना आसान है,
मगर रिश्ते दिल से निभाना हर किसी के बस की बात नहीं। 🥀
स्वार्थी लोगों की पहचान वक्त कर देता है,
कौन अपना है, कौन पराया सब साफ कर देता है। ⏳
मतलब के लोग बारिश जैसे होते हैं,
जरूरत में बरसते हैं, फिर दिखाई नहीं देते। 🌧️
अगर आपको Matlabi Rishte Dhoka Shayari का यह कलेक्शन पसंद आया है, तो अपनी पसंदीदा शायरी WhatsApp Status या Instagram Story पर जरूर शेयर करें। कभी-कभी कुछ शब्द वही बात कह देते हैं, जिसे हम किसी के सामने कह नहीं पाते। ❤️🩹
Shayari Heaven पर आपको रिश्तों, प्यार, दोस्ती, दर्द और जिंदगी से जुड़े ऐसे ही भावपूर्ण शायरी कलेक्शन पढ़ने को मिलते रहेंगे। ✨
एक बार अवश्य पढ़े
- Crush One Sided Love
- Aankho Par Shayari
- Gaav Ki Yaad Shayari
- Ashish Bagrecha
- Izzat Respect Quotes In Hindi
- Instagram Quotes for Pos
- Dhokebaaz Shayari I
- सच्ची दोस्ती शायरी
- One Sided Love Shayari
- Akelapan Shayari
- Tehzeeb Hafi Shayari
- Heart Touching Quotes for Teacher
FAQs
1. Matlabi Rishte Dhoka Shayari क्या होती है?
Matlabi Rishte Dhoka Shayari ऐसी भावनात्मक शायरी होती है, जिसमें स्वार्थी रिश्तों, टूटे भरोसे, धोखे और अपनों से मिले दर्द को शब्दों के जरिए व्यक्त किया जाता है।
2. मतलबी रिश्तों पर शायरी कब शेयर करें?
जब किसी रिश्ते में स्वार्थ, धोखा या विश्वासघात महसूस हो, तब ऐसी शायरी को WhatsApp Status, Instagram Caption या सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में शेयर किया जा सकता है।
3. क्या Matlabi Rishte Dhoka Shayari प्यार के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ। प्यार में मिले धोखे, झूठे वादों और मतलब से बनाए गए रिश्तों को व्यक्त करने के लिए ऐसी शायरी बिल्कुल उपयुक्त है।
4. मतलबी लोगों की पहचान कैसे करें?
मतलबी लोग अक्सर जरूरत पड़ने पर बहुत करीब आते हैं, लेकिन जरूरत खत्म होने के बाद दूरी बनाने लगते हैं। उनके व्यवहार को समझने के लिए समय के साथ उनके काम और व्यवहार पर ध्यान देना बेहतर होता है।
5. क्या ये शायरियाँ WhatsApp और Instagram पर शेयर कर सकते हैं?
हाँ, इन Matlabi Rishte Dhoka Shayari को WhatsApp Status, Instagram Story, Caption, Facebook Post और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा सकता है।
